विश्वास की शक्ति | Hindi Story On Power Of Belief

विश्वास की शक्ति पर प्रेरणात्मक कहानी

Motivational Story On “The Power Of Belief” In Hindi

किसी शहर में एक कमल नाम का नवयुवक रहता था। अपने बचपन में वह बहुत होशियार था। बहुत से लोग उसकी तारीफ करते थे।

लेकिन उसके साथ समस्या यह थी कि उसे भीड़ से बहुत डर लगता था।

जब वह बड़ा हुआ तो उसका डर इतना बढ़ गया कि वह घर से बाहर निकलने से भी डरता था।

वह कहीं बाहर बहुत कम ही जाता था लेकिन उसे पढ़ने लिए अपने कॉलेज तो जाना ही होता था। कॉलेज जाते और आते समय भीड़ देखकर उसका मन परेशान हो जाता था।

इस कारण न तो उसका पढ़ाई में मन लगता था और न ही किसी और काम में मन लगता था।

वह सोचता था कि अपनी इस डर की समस्या के कारण वह अपनी जिंदगी में कभी सफल नहीं हो पाएगा। इस कारण उसका गुस्सा भी बढ़ गया था।

एक दिन उसके शहर में एक बहुत बड़े और प्रसिद्ध संत आए। वह संत सभी लोगों की समस्याओं का समाधान करते थे जिससे बहुत से लोगों को लाभ हुआ था।

कमल ने सोचा कि शायद वह मेरी समस्या का भी कोई समाधान कर दें।

दूसरे ही दिन कमल संत से मिलने पहुंच गया और उसने अपनी पूरी समस्या उस संत को बता दी।

संत ने मुस्कुराते हुए कहा, “तुम्हारी समस्या का हल मेरे पास है लेकिन यदि तुम्हे मुझ पर विश्वास हो तो मैं वह समाधान तुम्हें बता सकता हूँ।”

कमल ने कहा, “आप पर विश्वास करके ही मैं यहाँ आया हूँ, कृपया समाधान बताएं।”

तभी संत ने एक बहुत छोटा सफेद पत्थर कमल को देते हुए कहा, “यह एक जादुई पत्थर है। इसकी खासियत यह है कि यह जिसके पास होता है उसे कभी भी डर नहीं लगता और यह हर समस्या में सहायता भी करता है।”

कमल बहुत खुश हुआ और अपने घर लौट आया।

अगले दिन जब वह कॉलेज के लिए जाने लगा तो उसने उस सफेद पत्थर को अपने पास रख लिया।

घर से बाहर निकलते ही उसका सामना भीड़ से हुआ।

पहले तो उसे कुछ डर लगा लेकिन उस सफेद पत्थर का ध्यान आते ही उसका डर भाग गया।

उस दिन कमल को भीड़ से बिलकुल भी डर नहीं लगा।

वह बहुत खुश था। अब उसे लगने लगा था कि पत्थर का जादू काम कर रहा है।

भीड़ से अब डर न लगने के कारण वह अब आराम से कहीं भी बाहर जा सकता था। उसे अब गुस्सा भी नहीं आता था।

अब वह सफल होने के बारे में सोचने लगा था। अब उसे यह विश्वास हो गया था कि वह जीवन में कोई भी सफलता प्राप्त कर सकता है।

कमल का जीवन बदल चुका था।

कुछ ही समय बाद वह सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ता चला गया और एक सफल इंसान के रूप में गिना जाने लगा।

अब कमल को उन संत की याद आयी तो उनसे मिलने पहुंच गया।

कमल ने संत को अपनी सफलता के बारे में बताया और उस सफेद पत्थर की जादुई शक्ति की तारीफ करने लगा।

तभी वह संत बोले, “वह सफेद पत्थर जो मैंने तुम्हें दिया था वह तो मुझे रास्ते में कहीं पड़ा मिला था। मुझे वह पत्थर अच्छा लगा तो मैंने उसे उठा कर अपने पास रख लिया।”

कुछ समय रुकने के बाद संत फिर बोले, “सच यह है कि यह कोई जादुई पत्थर नहीं है बल्कि एक साधारण पत्थर है।”

यह सुनकर कमल को बहुत आश्चर्य हुआ।

कमल बोला, “जब यह एक साधारण पत्थर है तो इसने मेरा डर कैसे दूर कर दिया?  और आज मैं जिस सफलता के शिखर पर हूँ तो वहां मैं कैसे पहुंचा?”

तब वह महान संत मुस्कुराते हुए बोले, “सच है कि इस पत्थर ने तुम्हें कोई लाभ नहीं पहुँचाया बल्कि तुम्हारी विश्वास की शक्ति ने तुम्हारे डर को भगाया और विश्वास की शक्ति ने ही तुम्हे सफल बनाया है।

तुम अपने डर पर विजय प्राप्त इसीलिए नहीं कर पा रहे थे क्योकि तुम्हें खुद पर विश्वास नहीं था। लेकिन जब मैंने तुम्हें यह सफेद पत्थर दिया तो इसकी वजह से तुम्हारे अंदर विश्वास पैदा हो गया।

तुम्हारे विश्वास के कारण ही डर भाग गया और डर के जाते ही तुम्हारा आत्मविश्वास और ज्यादा बढ़ गया।

जैसे-जैसे तुम सफल होते गए वैसे-वैसे तुम्हारा खुद के लिए विश्वास बढ़ता गया और इसी विश्वास की वजह से आज तुम एक सफल व्यक्ति बन पाए हो।”

इतना सुनते ही कमल उस महान संत के चरणों में गिर गया और उन्हें धन्यवाद देने लगा।

इस कहानी से आपने क्या सीखा?

What Is The Moral Of This Story?

दोस्तों! इस कहानी से हमें बहुत बड़ी सीख मिलती है कि जिस व्यक्ति को स्वयं में विश्वास (Believe in yourself) होता है उसके सामने बड़ी से बड़ी समस्या ज्यादा देर नहीं टिक पाती।

ऐसे व्यक्ति के सामने आने वाली प्रत्येक समस्या उसके कदमों में आकर दम तोड़ देती है।

कमल का डर (Fear) एक समस्या थी। वह उससे जितनी दूर भाग रहा था, उतना ही ज्यादा डर उसके पास आ रहा था और जब कमल ने अपनी विश्वास की शक्ति (Power of believing) से उस डर का सामना किया तो डर भाग खड़ा हुआ।

अगर आप सफल (Success) होना चाहते हैं तो आपको खुद पर विश्वास (Self confidence) करना होगा।

आपको अपने कार्यों पर विश्वास (Believe in your work) करना होगा।

आपको अपने सफलता के लिए किये गए प्रयासों पर विश्वास (Believe in your efforts) करना होगा।

और जब आपमें खुद के प्रति यह विश्वास आ जायेगा तो आप सफलता की ओर कदम बढ़ाते चले जायेंगे और एक दिन सफलता के शिखर (Top of success) पर पहुंच कर दूसरे लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत (Source of inspiration) बन जायेंगे।

जो लोग स्वयं पर विश्वास (Trust in yourself) रखते हैं उन्हें किसी पत्थर की आवश्यकता नहीं होती।

अतः स्वयं में विश्वास रखिए और स्वयं के कर्मों में विश्वास (Faith in your deeds) रखिये, तब सफलता तो खुद आपका पता पूछते हुए आपके पास आ जाएगी। 

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22 thoughts on “विश्वास की शक्ति | Hindi Story On Power Of Belief”

  1. Jo aadmi apne aap par biswas nhi krta wo aadmi jiwan me kamyabi Ko hasil nhi kar skta
    ..
    ..
    ..
    Kram ke bina jiwan adhura hai

    Reply
  2. Yes this is real fact. Hum jaisa khud ke liye dimag me vichar banante hain. Hum waisa hi mehsus karne lagte hain.

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    • Bilkul sahi kaha aapne Sandeep ji….yadi ham khud par vishvas karte hain to vishvas hamara sath jarur dega……thanks bhai…..

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  3. बहुत ही अच्छी स्टोरी है भाई ..belief एक जादू की तरह होता है. thanks amul जी.
    keep sharing such inpiratinal story.

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  4. मैंने भी इस बात को कई बार अजमाया है , आपने बहुत अच्छा लिखा है , लिखते रहो, Blogging एक दिन जरुर सफल बनोगे

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    • मेरा हौसला बढ़ाने के लिए आपका बहुत धन्यवाद संदीप जी…..

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  5. Right Amul आपने बिलकुल सही कहा दरअसल कर्म ही ऐसी चीज हो जो सबकुछ होती है. अन्यथा आपको बैठे बिठाए सफलता प्राप्त नही हो सकती..Keep it up..Nice Writing..

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    • आपका बहुत धन्यवाद ललित जी….. कर्म करना तो बहुत जरूरी है लेकिन उससे भी जरुरी है अपने कर्म पर विश्वास रखना……

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    • sahi baat hai Surendra ji…agar self believe nahi hai to vyakti safal nahi ho sakta…..kese bhi ho…khud me vishvas safalta ke liye bahut jaruri hota hai…..

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      • Yah kahani padakar bahut acha laga ydi koi ensan kuch karna chahta h to use apne khud me visvas hona bahut jaruri h ydi khud par vaisvas nhi h to kahi par bhi chle jao kabhi success nhi ho sakte isiliye hamesa apne khud belive hona jaruri h

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